कब तुम कृपा करोगी श्री राधा रानी (Kab Tum Kripa Karogi Shri Radha Rani)

कब तुम कृपा करोगी श्री राधा रानी,

कब तुम कृपा करोगी मेरी लाड़ो प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी श्री श्यामा प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी ॥


मेरो मन नित चलत कुमारग,

मेरो मन नित चलत कुमारग,

कब दुख दाह हरोगी श्री राधा रानी,

कब तुम कृपा करोगी मेरी लाड़ो प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी श्री श्यामा प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी ॥


अति दुर्गम भव जाल बंध्यो मैं,

अति दुर्गम भव जाल बंध्यो मैं,

निज शरणही कब लोगी श्री राधा रानी,

कब तुम कृपा करोगी मेरी लाड़ो प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी श्री श्यामा प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी ॥


वृन्दावन की आस रावरी,

दर्शन कब तुम दोगी श्री राधा रानी,

कब तुम कृपा करोगी मेरी लाड़ो प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी श्री श्यामा प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी ॥


कब तुम कृपा करोगी श्री राधा रानी,

कब तुम कृपा करोगी मेरी लाड़ो प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी श्री श्यामा प्यारी,

कब तुम कृपा करोगी ॥


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जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी (Jagmag Jyot Jali Hai Shri Ram Aarti)

जगमग जगमग जोत जली है।
राम आरती होन लगी है॥

फाल्गुन मास की पौराणिक कथा

फाल्गुन’ का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना होता है। इस मास की पूर्णिमा फाल्गुनी नक्षत्र में होती है। जिस कारण इस महीने का नाम फाल्गुन पड़ा है। इस महीने को आनंद और उल्लास का महीना भी कहा जाता है।

रामनवमी की पौराणिक कथा

सनातन धर्म में श्रीराम का विशेष महत्व है। इसलिए हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष के नौवें दिन श्रीराम के निमित्त रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था।

जन मानस में गुंज रहा है, जय श्री राम (Jan Manas Mein Goonj Raha Hai Jai Shri Ram)

जन मानस में गूंज रहा है,
जय श्री राम जय श्री राम,

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