कहन लागे मोहन मैया मैया (Kahan Lage Mohan Maiya Maiya)

कहन लागे मोहन मैया मैया,

पिता नंद महर सों बाबा बाबा,

और हलधर सों भैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


ऊँचे चढ़ चढ़ कहती जशोदा,

लै लै नाम कन्हैया,

ले ले नाम कन्हैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


दूर खेलन जन जाहूं लाल रे,

मारैगी काहूँ की गैयाँ,

मारेगी काहू की गैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


गोपी ग्वाल करत कौतूहल घर घर बजति बधैयाँ,

घर घर बजती बधैया,

घर घर बजती बधैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


मणि खमबन प्रति बिन बिलोकत

हो नाचत कुवर निज कन्हियाँ

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस कों चरननि की बलि जैयाँ,

चरननि की बलि जैया, बलि जैया

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

........................................................................................................
जैसे होली में रंग, रंगो में होली (Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi)

जैसे होली में रंग,
रंगो में होली

मासिक दुर्गाष्टमी तिथि और शुभ-मुहूर्त

प्रत्येक महीने की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है। धार्मिक मत है कि जगत की देवी मां दुर्गा के चरण और शरण में रहने से साधक को सभी प्रकार के सुखों मिलते हैं।

आनंद ही आनंद बरस रहा (aanand-hi-aanand-baras-raha)

आनंद ही आनंद बरस रहा
बलिहारी ऐसे सद्गुरु की ।

मैं लाडली शेरोवाली की: भजन (Main Ladli Sherowali Ki)

मैं कितना अधम हूँ,
ये तुम ही जानो,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने