खाटू वाले श्याम प्यारे(Khatu Wale Shyam Pyare)

खाटू वाले श्याम प्यारे,

खूब कियो श्रृंगार,

रूप तेरो मन भावे,

मोरछड़ी तेरे हाथ में साजे,

लीले के असवार,

रूप तेरो मन भावे ॥


रंग सुनहरी केसरी बागा,

सुन्दर छवि प्यारी है,

अहिलावती के लाल जगत में,

तेरी शान निराली है,

जो कोई आवे गले लगावे,

देता सबको प्यार,

रूप तेरो मन भावे,

मोरछड़ी तेरे हाथ में साजे,

लीले के असवार,

रूप तेरो मन भावे ॥


जिसने दिल से याद किया प्रभु,

तू उसका ग़मख़ार बना,

हारे को तू देता सहारा,

तू यारो का यार बना,

रूप सलोना भोला मुखड़ा,

सबसे बड़ा दिलदार,

रूप तेरो मन भावे,

मोरछड़ी तेरे हाथ में साजे,

लीले के असवार,

रूप तेरो मन भावे ॥


धन्ना भगत का यार बना तू,

खेत में उसके काम किया,

नरसी भगत की हुंडी तारी,

सेठ सांवलिया नाम लिया,

ओ भगतों के प्यारे तुझको,

‘भोला’ रहा पुकार,

रूप तेरो मन भावे

मोरछड़ी तेरे हाथ में साजे,

लीले के असवार,

रूप तेरो मन भावे ॥


खाटू वाले श्याम प्यारे,

खूब कियो श्रृंगार,

रूप तेरो मन भावे,

मोरछड़ी तेरे हाथ में साजे,

लीले के असवार,

रूप तेरो मन भावे ॥

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बड़े बलशाली है, बाबा बजरंग बली(Bade Balshali Hai Baba Bajrangbali)

जड़ से पहाड़ों को,
डाले उखाड़,

हे भोले शंकर पधारो (Hey Bhole Shankar Padharo)

हे भोले शंकर पधारो हे भोले शम्भू पधारो
बैठे छिप के कहाँ जटा धारी पधारो

माता भुवनेश्वरी की पूजा विधि

माता भुवनेश्वरी हिंदू धर्म में पूजी जाने वाली एक प्रमुख देवी हैं, जिन्हें ब्रह्मांड की रानी और सृजन की देवी के रूप में जाना जाता है। उनका नाम "भुवनेश्वरी" दो शब्दों से मिलकर बना है - "भुवन" जिसका अर्थ है ब्रह्मांड और "ईश्वरी" जिसका अर्थ है स्वामिनी।

मंगल मूरति राम दुलारे(Mangal Murati Ram Dulare)

मंगल मूरति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,

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