कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी(Kirpa Ki Na Hoti Jo Addat Tumhari)

मैं रूप तेरे पर, आशिक हूँ,

यह दिल तो तेरा, हुआ दीवाना

ठोकर खाई, दुनियाँ में बहुत,

मुझे द्वार से, अब न ठुकराना

हर तरह से तुम्हारा, हुआ मैं तो,

फिर क्यों तुमको, मैं बेगाना

मुझे दरस दिखा दो, नंद लाला,

नहीं तो दर तेरे पर, मर जाना

कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी

तो सूनी ही रहती, अदालत तुम्हारी


गोपाल सहारा तेरा है ,

हे नंद लाल सहारा तेरा है ,

मेरा और सहारा कोई नहीं

गोपाल सहारा तेरा है ,

हे नंद लाल सहारा तेरा है ,,,,,,,,,


ओ दीनो के दिल में, जगह तुम न पाते

तो किस दिल में होती, हिफाजत तुम्हारी

कृपा की न होती जो,,,


ग़रीबों की दुनियाँ है, आबाद तुमसे ,

ग़रीबों से है, बादशाहत तुम्हारी ,

कृपा की न होती जो,,,,,,


न मुल्जिम ही होते, न तुम होते हाकिम,

न घर-घर में होती, इबादत तुम्हारी ,

कृपा की न होती जो,,,


तुम्हारी ही उल्फ़त के, द्रिग ‘बिन्दु’ हैं यह ,

तुम्हें सौंपते है, अमानत तुम्हारी ,

कृपा की न होती जो,,,,,,,,,

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छठि मैया बुलाए (Chhathi Maiya Bulaye)

बन परदेशिया जे गइल शहर तू
बिसरा के लोग आपन गांव के घर तू

ओ पवन पुत्र हनुमान राम के, परम भक्त कहलाए (O Pawan Putra Hanuman Ram Ke Param Bhakt Kahlaye)

ओ पवन पुत्र हनुमान राम के,
परम भक्त कहलाए,

शिवलिंग पर रुद्राक्ष चढ़ाने के लाभ

महाशिवरात्रि इस साल बुधवार, 26 फरवरी 2025, के दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन शिवलिंग पर भिन्न-भिन्न प्रकार की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। इन्हीं में से एक है रुद्राक्ष।

तिलकुट चौथ की पूजा सामग्री

सकट चौथ व्रत मुख्यतः संतान की लंबी उम्र, उनके अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की की कामना के लिए रखा जाता है। इस पर्व को गौरी पुत्र भगवान गणेश और माता सकट को समर्पित किया गया है। इसे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे:- तिलकुट चौथ, वक्र-तुण्डि चतुर्थी और माघी चौथ।

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