लौट के आजा नंद के दुलारे(Laut Ke Aaja Nand Ke Dulare)

लौट के आजा नंद के दुलारे,

उम्मीद लगाए,

ना जाने मेरो,

लाला कब आए ॥


लौट के आजा नंद के दुलारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे ॥


अक्रूर आया मेरे दिल का,

वो टुकड़ा ले गया,

चांदनी चकोरी में,

चाँद का वो टुकड़ा ले गया,

दर्शन को तरसे,

दर्शन को तरसे,

नैन बिचारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे ॥


मधुवन है सुना सुना,

सुनी है सारी वो नगरीया,

प्यासे है व्याकुल नैना,

आ जाओ बांके ओ बिहारी,

यादो में तुम्हरी,

यादो में तुम्हरी रोए,

नैन हमारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे ॥


लौट के आजा नंद के दुलारें,

मैया यशोदा तुझको पुकारे,

मैया यशोदा तुझको पुकारे ॥

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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान कब करें

धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने और उचित दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

कान छेदने के मुहूर्त

हिंदू धर्म में मानव जीवन में कुल 16 संस्कारों का बहुत अधिक महत्व है इन संस्कारों में नौवां संस्कार कर्णवेध या कान छेदने का संस्कार।

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली (Odh Chunariya Maiya Lal Chali)

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली,
सिंघ सवारी पे है लगती भली ॥

जिसको जीवन में मिला सत्संग है (Jisko jivan Main Mila Satsang Hai)

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

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