महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे - भजन (Mahamantra Shivji Ka Hame Pyara Lage)

महामंत्र शिवजी का,

हमें प्यारा लागे ॥


महामंत्र – ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे,

सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्,

उर्वारुकमिव बन्‍धनान्,

मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॥


महामंत्र शिवजी का,

हमें प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा लागे,

सबसे पावन सबसे सुंदर,

और न्यारा लागे ॥


महामंत्र ब्रह्मा ने जापा,

रच दिए वेद सारे,

श्रष्टि की फिर संरचना की,

मंत्र के सहारे,

महामंत्र ब्रह्मा जी को,

बड़ा प्यारा लगे,

बड़ा प्यारा लगे,

सबसे पावन सबसे सुंदर,

और न्यारा लागे ॥


महामंत्र विष्णु ने जापा,

लक्ष्मी जी को पाया,

बारह अवतारो में फिर इस,

श्रष्टि में बचाया,

महामंत्र विष्णु जी को,

बड़ा प्यारा लगे,

बड़ा प्यारा लगे,

सबसे पावन सबसे सुंदर,

और न्यारा लागे ॥


महामंत्र ये भक्त जनो को,

म्रत्यु से बचाए,

महामंत्र को जपने वाले,

शिव शंकर को पाए,

महामंत्र भव सागर,

का किनारा लागे,

किनारा लागे,

सबसे पावन सबसे सुंदर,

और न्यारा लागे ॥


महामन्त्र शिवजी का,

हमें प्यारा लागे,

बड़ा प्यारा लागे,

सबसे पावन सबसे सुंदर,

और न्यारा लागे ॥

........................................................................................................
दर्श अमावस्या के खास उपाय

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन खान-पान से जुड़े कुछ खास उपाय किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मात भवानी अम्बे माँ (Maat Bhawani Ambe Maa)

मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भवर में है आ,

अरे माखन की चोरी छोड़ साँवरे मैं समझाऊँ तोय (Are Makhan Ki Chori Chhod Sanvare Main Samjhau Toye)

अरे माखन की चोरी छोड़,
साँवरे मैं समझाऊँ तोय,

स्कंद षष्ठी व्रत कथा

स्कंद षष्ठी का व्रत हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन रखा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2025 की पहली स्कन्द षष्ठी 05 जनवरी को मनाई जाएगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।