शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. (Shivoham Shivoham Shivoham)

आत्मा ने परमात्मा को लिया

देख ध्यान की दृष्टि से ।

प्रकाश हुआ हृदय-हृदय,

बेड़ा पार हुआ इस सृष्टि से ।


है एक ओंकार निरंजन निरंकार,

है अजर अमर आकर

विश्वधार मन भजे ।


शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

शिवोहम शिवोहम शिवोहम..


भूख में तपसी तप रहा,

भोजन बीच पठाय ।

विलप में साधु हंस रहा,

अपना ही उपजा खाय ।

शेष अशेष विशेष में

समर्पण के भाव में ।


शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

शिवोहम शिवोहम शिवोहम..


ठहर शांत एकांत में,

साधके मूलाधार ।

सर्जन स्वाधिष्ठान से,

सूर्य मणि चमकार ।

विशुद्धि आज्ञा सहसरार

तक गूंजे अनाहत ।


शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

शिवोहम शिवोहम शिवोहम..


खाली को तो भर दिया,

भरे में भरा न जाए ।

पानी में प्यासा रहा,

तट पे बैठ लखाय ।

प्रष्न व्यस्न में उलझ-उलझ

हां बिरथा गया जन्म ।


शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

शिवोहम शिवोहम शिवोहम..


शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

........................................................................................................
भगवान अय्यप्पा की पूजा कैसे करें?

भगवान अय्यप्पा हिंदू धर्म के एक प्रमुख देवता हैं, जो विशेष रूप से केरल राज्य में पूजे जाते हैं। वे विष्णु और शिव के संयुक्त रूप माने जाते हैं। अय्यप्पा के बारे में कई कथाएं हैं, जो विभिन्न पौराणिक ग्रंथों और धार्मिक कथाओं में बताई जाती हैं।

श्री राम प्यारे अंजनी दुलारे (Shree Ram Pyare Anjani Dulare)

श्री राम प्यारे अंजनी दुलारे,
सबके सहारे जय महावीरा,

कहत हनुमान जय श्री राम (Kahat Hanuman Jai Shri Ram)

श्री राम जय राम
जय जय राम

कभी तो मेरे घर आना, मोरी शारदा भवानी (Kabhi To Mere Ghar Aana Mori Sharda Bhawani)

कभी तो मेरे घर आना,
मोरी शारदा भवानी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।