मेरे मन में बसे है राम, मेरे तन में बसे है राम (Mere Maan Mein Base Hai Ram Mere Tan Mein Base Hai Ram)

छाती चिर के हनुमान ने,

बता दिए श्री राम,

मेरे मन में बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम,

मेरे मन मे बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम ॥


जिस वस्तु में राम नहीं,

वह वस्तु ना आए काम,

जिस वस्तु में राम नहीं,

वह वस्तु ना आए काम,

मेरे मन मे बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम ॥


राम काज किए बिना,

मोहे कहाँ विश्राम,

राम काज किए बिना,

मोहे कहाँ विश्राम,

मेरे मन मे बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम ॥


राम नाम सुमिरण से,

समुन्दर पार गए हनुमान,

राम नाम सुमिरण से,

समुन्दर पार गए हनुमान,

मेरे मन मे बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम ॥


छाती चिर के हनुमान ने,

बता दिए श्री राम,

मेरे मन में बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम,

मेरे मन मे बसे है राम,

मेरे तन में बसे है राम ॥

........................................................................................................
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे (shri ram janki bethe hai mere seene me)

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे,
देख लो मेरे दिल के नगीने में II

हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे (Hamare Bhole Baba Ko Mana Lo Jiska Dil Chahe)

हमारे भोले बाबा को,
मना लो जिसका दिल चाहे,

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम(Humara Nahi Koi Re Tere Bina Ram)

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम
हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम

राम नवमी पूजा विधि

राम नवमी का त्योहार सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विशेष रूप से भगवान श्री राम की जयंती के रूप में मनाया जाता है।य ह त्योहार प्रत्येक वर्ष चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने