नर से नारायण बन जायें(Nar Se Narayan Ban Jayen Prabhu Aisa Gyan Hamen Dena)

नर से नारायण बन जायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥

दुखियों के दुःख हम दूर करें, श्रम से कष्टों से नहीं डरें।

उर में सबके प्रति प्यार भरें, जल बनकर मरुथल में बिखरें।

बाधाओं से टकरा जायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥


आलस में दिवस न कटें कभी, सेवा के भाव न मिटें कभी।

पथ से ये चरण न हटें कभी, जनहित के कार्य न छुटें कभी।

दैवी क्षमताएँ विकसायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥


यह विश्व हमारा ही घर हो, उर में स्नेह का निर्झर हो।

मानव के बीच न अन्तर हो, बिखरा समता का मृदु स्वर हो।

पूरब की लाली बन छायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥

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कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना! (Kaise Jiun Main Radha Rani Tere Bina)

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना,
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना॥

आज अयोध्या की गलियों में, घुमे जोगी मतवाला: भजन (Aaj Ayodhya Ki Galiyon Mein Ghume Jogi Matwala)

आज अयोध्या की गलियों में,
घुमे जोगी मतवाला,

शिव का डमरू डम डम बाजे (Shiv Ka Damru Dam Dam Baje)

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,

मोरी मैया महान(Mori Maiya Mahan)

मोरी मैया महान,
मोरी मईया महान,

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