ओ माँ पहाड़ावालिये, सुन ले मेरा तराना (O Maa Pahadan Waliye Sun Le Mera Tarana)

ओ माँ पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥


दोहा – मेरा नहीं है कुछ भी,

सब कुछ तेरा किया है,

किरपा हुई है ऐसी,

बिन मांगे सब दिया है।

जैसा तू चाहे मैया,

वैसा मैं चलता जाऊं,

जिसमे हो तेरी महिमा,

ऐसे ही गीत गाऊं ॥


ओ माँ पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

ओ मां पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥


अपने हुए पराए,

दुश्मन हुआ जमाना,

अपने हुए पराए,

दुश्मन हुआ जमाना,

कष्टों से मेरी मैया,

तू ही मुझे बचाना,

ओ मां पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥


फूलों में तुझको ढूंढा,

कलियों में तुझको ढूंढा,

फूलों में तुझको ढूंढा,

कलियों में तुझको ढूंढा,

तू कहीं नजर ना आई,

ओ मां पहाड़ावालिये,

ओ मां पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥


“ओ मेरी शेरावाली मैया,

मेरी जोतावाली मैया,

मेरे साथ है, सर पे हाथ है,

मेरी दुर्गे मैया काली,

मेरी मेहरावाली मैया,

मेरे साथ है, सर पे हाथ है” ॥


सबकी सुने तू मैया,

राजा हो या फकीरा,

सबकी सुने तू मैया,

राजा हो या फकीरा,

‘बाबा’ की ये तमन्ना,

मेरा भी सुन तराना,

ओ मां पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥


ओ माँ पहाड़ावालियें,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

ओ मां पहाड़ावालिये,

सुन ले मेरा तराना ॥

........................................................................................................
तेरी करती रहूँ मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ(Teri Karti Rahu Main Chakri Vardan Yahi Main Chahu)

तेरी करती रहूं मैं चाकरी,
वरदान यही मैं चाहूँ,

ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया (Odhoji Odho Dadi Mhari Bhi Chunariya)

ओढ़ो जी ओढ़ो दादी,
म्हारी भी चुनरिया,

तेरे चरणों में सर को, झुकाता रहूं(Tere Charno Mein Sir Ko Jhukata Rahu)

तेरे चरणों में सर को,
झुकाता रहूं,

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी (Vrindavan Ke O Banke Bihari )

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने