राधा के मन में, बस गए श्याम बिहारी(Radha Ke Man Mai Bas Gaye Kunj Bihari)

श्याम रंग में रंग गई राधा,

भूली सुध-बुध सारी रे,

राधा के मन में,

बस गए श्याम बिहारी ॥


श्याम नाम की चुनर ओढ़ी,

श्याम नाम की चुडीयाँ,

अंग-अंग में श्याम समाए,

मिट गयी सारी दूरियाँ,

कानो में कुण्डल गल वैजंती,

माला लागे प्यारी रे,

राधा के मन में,

बस गए श्याम बिहारी ॥


बैठ कदम की डाल कन्हैया,

मुरली मधुर बजाए,

साँझ सकारे मुरली के स्वर,

राधा-राधा गाए,

इस मुरली की तान पे जाए,

ये दुनिया बलिहारी,

राधा के मन में,

बस गए श्याम बिहारी ॥


अधर सुधा रस मुरली राजे,

कान्हा रास रचाए,

कृष्ण रचैया राधा रचना,

प्रेम सुधा बरसाए,

प्रेम मगन हो सब ही बोलो,

जय हो बांके बिहारी,

राधा के मन में,

बस गए श्याम बिहारी ॥


श्याम रंग में रंग गई राधा,

भूली सुध-बुध सारी रे,

राधा के मन में,

बस गए श्याम बिहारी ॥

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कनकधारा स्तोत्रम् (Kanakdhara Stotram)

अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्तीभृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्।
अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीलामाङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः॥1॥

मंत्र क्या होते हैं

शास्त्रकार कहते हैं “मननात् त्रायते इति मंत्रः” अर्थात मनन करने पर जो त्राण दे या रक्षा करे वही मंत्र होता है। धर्म, कर्म और मोक्ष की प्राप्ति हेतु प्रेरणा देने वाली शक्ति को मंत्र कहते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी स्तोत्र

मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस साल मासिक दुर्गा अष्टमी का पहला व्रत 07 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी।

Shri Vishnu Chalisa (श्री विष्णु चालीसा)

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥

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