राधा कौन से पुण्य किये तूने(Radha Kon Se Punya Kiye Tune)

राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥


राधा जब सोलह शृंगार करे,

प्रभ दर्पण आप दिखाते है,

राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥


राधा जब पनघट पे जावे,

प्रभु मटकी आप उठाते है,

राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥


राधा जब भोग तैय्यार करे,

हरी आकर भोग लगाते है,

राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥


राधा जब कुँजन मे जावे,

प्रभु आकर रास रचाते है,

राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥


राधा कौन से पुण्य किये तूने,

जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥

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चलो मन वृन्दावन की ओर (Chalo Mann Vrindavan Ki Aur)

चलो मन वृन्दावन की ओर,
प्रेम का रस जहाँ छलके है,

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है (Aaj To Guruwar hai, Sadguru Ka War Hai)

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है।
गुरुभक्ति का पी लो प्याला, पल में बेड़ा पार है ॥

गोबिंद चले चरावन गैया (Gobind Chale Charavan Gaiya)

गोबिंद चले चरावन गैया ।
दिनो है रिषि आजु भलौ दिन,

मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा (Mere Ghar Aaya Raja Ram Ji Ka Pyara)

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,
मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा,

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