साँवरे सा कौन(Sanware Sa Kaun)

साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥


कोई नहीं है मेरे,

साँवरे सा दानी,

कथा शीश दान वाली,

दुनियाँ ने मानी,

जय जयकार बुलाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


मेरा श्याम बाबा करता,

नीले की सवारी,

खाटू नगरिया लागे,

भगतों को प्यारी,

दर्शन करने को जाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साथी बनालो अपना,

काली कमली वाला,

यही है वो खोलता जो,

किस्मत का ताला,

‘श्याम’ हाले दिल सुनाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥

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ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे (Ae Murliwale Mere Kanhaiya, Bina Tumhare )

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया,
बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं,

तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है (Tere Darshan Ko Ganraja Tere Darbar Aaye Hai)

तेरे दर्शन को गणराजा ॥
दोहा – नसीब वालों को हे गणराजा,

मासिक शिवरात्रि: भगवान शिव नमस्काराथा मंत्र

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। नवंबर माह की शिवरात्रि मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में पड़ती है, और यह दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने का उत्तम अवसर है।

मौनी अमावस्या के विशेष उपाय

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन हमारे पूर्वजों यानी पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पितरों का तर्पण करना, पवित्र नदियों में स्नान करना और दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। वर्ष 2025 में मौनी अमावस्या 29 जनवरी, बुधवार को पड़ रही है।

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