श्यामा श्याम सलौनी सूरत - भजन (Shyama Shyam Saloni Surat)

श्यामा श्याम सलौनी

सूरत को शृंगार बसंती है ।

किशोरी श्याम सलोनी सूरत

को सिंगार बसंती है ।


मोर मुकुट की लटक बसंती

चंद्रकला की चटक बसंती,

मुख मुरली की मटक बसंती,

सिर पै पैंच श्रवण-कुंडल छविदार बसंती है ।


श्यामा श्याम सलौनी

सूरत को शृंगार बसंती है ।

किशोरी श्याम सलोनी सूरत,

को सिंगार बसंती है ।


माथे चन्दन लसियो बसंती,

पट पीताम्बर कसियो बसंती,

पहना बाजूबंद बसंती,

गुंजमाल गल सोहै फूलनहार बसंती है ।


श्यामा श्याम सलौनी

सूरत को शृंगार बसंती है ।

किशोरी श्याम सलोनी सूरत,

को सिंगार बसंती है ।


कनक कडूला हस्त बसंती,

चले चाल अलमस्त बसंती,

रुनक-झुनक पग नूपुर की झनकार बसंती है ।


श्यामा श्याम सलौनी

सूरत को शृंगार बसंती है ।

किशोरी श्याम सलोनी सूरत,

को सिंगार बसंती है ।


संग ग्वाल को गोलन बसंती,

बोल रहे हैं बोल बसंती,

सब सखियन में राधे जी सरदार बसंती हैं ।


श्यामा श्याम सलौनी

सूरत को शृंगार बसंती है ।

किशोरी श्याम सलोनी सूरत,

को सिंगार बसंती है ।

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करवा चौथ व्रत कथा

सुहागिन महिलाओं और अविवाहित लड़कियों के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। यह व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

नित नयो लागे साँवरो (Nit Nayo Lage Sanvaro)

नित नयो लागे साँवरो,
इकि लेवा नज़र उतार,

नवरात्रि सम्पूर्ण पूजन विधि

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सरस्वती नदी की पूजा कैसे करें?

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