तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

तुम्हीं से सचेतन अहंकार तन मन

तुम्हीं में ये दर्शन...

तुम्हीं में ये दर्शन किए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


असत के सदा आश्रय हो तुम्हीं सत

तुम्हीं में विषय विष, तुम्हीं में है अमृत

पिलाते हो जो कुछ...

पिलाते हो जो कुछ पिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


जहाँ भी रहूँ ध्यान मैं तुमको देखूँ

तुम्हीं में हूँ मैं ज्ञान मैं तुमको देखूँ

पथिक मैं ये अर्ज़ी...

पथिक मैं ये अर्ज़ी दिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥

........................................................................................................
जिस ओर नजर फेरूं दादी, चहुँ ओर नजारा तेरा है (Jis Aur Nazar Ferun Dadi Chahun Aur Nazara Tera Hai)

जिस ओर नजर फेरूं दादी,
चहुँ ओर नजारा तेरा है,

नैनो में नींद भर आई(Naino Mein Neend Bhar Aayi)

नैनो में नींद भर आई बिहारी जू के,
नैनो में नींद भर आई रमण बिहारी जू के

गजानंद आँगन आया जी(Gajanand Aangan Aaya Ji )

म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानंद आंगन आया जी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने