तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

तुम्हीं से सचेतन अहंकार तन मन

तुम्हीं में ये दर्शन...

तुम्हीं में ये दर्शन किए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


असत के सदा आश्रय हो तुम्हीं सत

तुम्हीं में विषय विष, तुम्हीं में है अमृत

पिलाते हो जो कुछ...

पिलाते हो जो कुछ पिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


जहाँ भी रहूँ ध्यान मैं तुमको देखूँ

तुम्हीं में हूँ मैं ज्ञान मैं तुमको देखूँ

पथिक मैं ये अर्ज़ी...

पथिक मैं ये अर्ज़ी दिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥

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सत्यनारायण पूजन विधि (Satyanarayan Puja Vidhi)

व्रत करने वाला पूर्णिमा व संक्रान्ति के दिन सायंकाल को स्नानादि से निवृत होकर पूजा-स्थान में आसन पर बैठ कर श्रद्धा पूर्वक गौरी, गणेश, वरूण, विष्णु आदि सब देवताओं का ध्यान करके पूजन करें और संकल्प करें कि मैं सत्यनारायण स्वामी का पूजन तथा कथा-श्रवण सदैव करूंगा ।

प्रदोष व्रत के खास उपाय क्या हैं?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जो शिव भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

शिव का डमरू डम डम बाजे (Shiv Ka Damru Dam Dam Baje)

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है भजन (Chalo Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai Bhajan)

नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला प्रसिद्ध व लोकप्रिय भजन।

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