तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

तुम्हीं से सचेतन अहंकार तन मन

तुम्हीं में ये दर्शन...

तुम्हीं में ये दर्शन किए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


असत के सदा आश्रय हो तुम्हीं सत

तुम्हीं में विषय विष, तुम्हीं में है अमृत

पिलाते हो जो कुछ...

पिलाते हो जो कुछ पिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


जहाँ भी रहूँ ध्यान मैं तुमको देखूँ

तुम्हीं में हूँ मैं ज्ञान मैं तुमको देखूँ

पथिक मैं ये अर्ज़ी...

पथिक मैं ये अर्ज़ी दिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥


तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ

जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥

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सब कुछ मिला रे भोले, रहमत से तेरी(Sab Kuch Mila Re Bhole Rahmat Se Teri)

सब कुछ मिला रे भोले,
रहमत से तेरी

जबसे बरसाने में आई, मैं बड़ी मस्ती में हूँ(Jab Se Barsane Me Aayi Main Badi Masti Me Hun)

जबसे बरसाने में आई,
मैं बड़ी मस्ती में हूँ,

सच्चा है माँ का दरबार, मैय्या का जवाब नहीं (Saccha Hai Maa Ka Darbar, Maiya Ka Jawab Nahi)

दरबार हजारो देखे है,
पर माँ के दर सा कोई,

राम को देखकर श्री जनक नंदिनी (Ram Ko Dekh Kar Shri Janak Nandini)

राम को देखकर श्री जनक-नंदिनी, बाग़ में जा खड़ी की खड़ी रह गयीं

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