राधिका गोरी से बिरज की छोरी से - बाल लीला (Bal Leela Radhika Gori Se Biraj Ki Chori Se)

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से,

मैया करादे मेरो ब्याह

उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है,

कैसे करादू तेरो ब्याह


जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ

आज के बाद मेरी मैया तेरी देहली पर न आऊँ

आएगा रे मज़्ज़ा रे मज़्ज़ा अब जीत हार का

॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥


चन्दन की चौकी पर मैया तुझको बिठाऊँ

अपनी राधा से मैं चरण तेरे दबवाऊं

भोजन मैं बनवाऊंगा बनवाऊंगा, छप्पन प्रकार के

॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥


छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोलेगी

तेरे सामने मैया वो घूँघट न खोलेगी

दाऊ से जा कहो जा कहो बैठेंगे द्वार पे

॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥


सुन बातें कान्हा की मैया बैठी मुस्काएं

लेके बलैयां मैया हिवडे से अपने लगाये

नज़र कहीं लग जाये न लग जाये न मेरे लाल को

॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥


राधिका गोरी से बिराज की छोरी से

कान्हा कारादू तेरो बियाह

........................................................................................................
लक्ष्मी पंचमी के धन लाभ उपाय

हिंदू धर्म में लक्ष्मी जयंती का विशेष महत्व है। दिन में माता लक्ष्मी की विधि रूप से पूजा करने से धन, वैभव, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं

विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणाय
कणामृताय शशिशेखरधारणाय ।

जब जब हम दादी का, मंगल पाठ करते हैं(Jab Jab Hum Dadiji Ka Mangalpath Karte Hai)

जब जब हम दादी का,
मंगल पाठ करते हैं,

मेरी विपदा टाल दो आकर (Meri Vipda Taal Do Aakar)

मेरी विपदा टाल दो आकर,
हे जग जननी माता ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने