दिल की कुटिया, में मेरी आ जाओ(Dil Ki Kutiya Mein Meri Aa Jao)

श्याम दर्शन,

जरा दिखा जाओ,

दिल की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


मैंने कुटिया बहुत सजाई है,

मैंने कुटिया बहुत सजाई है,

खुशबु अपनी जरा लुटा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


खातरी तेरी सांवरे होगी,

खातरी तेरी सांवरे होगी,

भाव दिल के जरा जगा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,

कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,

हमको मदहोश तो बना जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,

दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,

गर कमी है कमी पूरा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


दील की कुटिया करीब है तेरे,

दील की कुटिया करीब है तेरे,

तुम जरा सा करीब आ जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,

‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,

प्रेम ऐसा प्रभु जगा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


श्याम दर्शन,

जरा दिखा जाओ,

दिल की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥

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विष्णुशयनी एकादशी एवं चातुर्मास व्रत (Vishnushayanee Ekaadashee Evan Chaaturmaas Vrat)

इस एकादशी का नाम विष्णुशयनी भी है। इसी दिन विष्णुजी का व्रत एवं चातुर्मास्य व्रत प्रारम्भ करना विष्णु पुराण से प्रकट होता है।

ना जाने आज क्यो फिर से, तुम्हारी याद आई है (Na Jaane Aaj Kyu Fir Se Tumhari Yaad Aayi Hai)

ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥

फूल देई, छम्मा देई (Phool Dei, Chamma Dei Geet)

फूल देई, छम्मा देई ।
जतुके दियाला, उतुके सई ॥

मैया तुमको मनावे तेरे भक्त रे(Maiya Tumko Manave Tere Bhakt Re)

मैया तुमको मनावे तेरे भक्त रे,
तेरे भक्त रे,

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