यगोविंदा आला रे आला(Govinda Aala Re Aala)

गोविंदा आला रे आला

ज़रा मटकी सम्भाल बृजबाला

अरे एक दो तीन चार संग पाँच छः सात हैं ग्वाला ॥

गोविंदा आला रे...॥


आई माखन के चोरों की सेना

ज़रा बच के सम्भल के जी रहना

बड़ी नटखट है फ़ौज, कहीं आई जो मौज

नहीं बचने का कोई भी ताला, ताला ॥

गोविंदा आला रे...॥


हो कैसी निकली है झूम के ये टोली

आज खेलेगी दूध से ये होली

भीगे कितना भी अंग, ठंडी हो ना उमंग

पड़े इनसे किसी का न पाला, पाला ॥

गोविंदा आला रे...॥

गोविंदा आला रे...


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ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ (O Ganga Tum,Ganga Behti Ho Kiyon)

करे हाहाकार निःशब्द सदा
ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार (Aayo Aayo Re Shivratri Tyohaar)

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार,
सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार,

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,
हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है,

बोल कन्हैया बोल (Bol Kanhaiya Bol)

वा रे लाला नन्द का,
तूने जनम चराई ढोर,

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