जीमो जीमो साँवरिया थे (Jeemo Jeemo Sanwariya Thye)

जीमो जीमो साँवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी,

बाँसुरिया की तान सुनाता,

छम छम करता आओ जी,

जीमो जीमो साँवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी ॥


माखन मिश्री मेवा मोदक,

मनचाया मिष्ठान जी,

रसगुल्ला रस भरी जलेबी,

छप्पन रस पकवान जी,

पूड़ी कचौड़ी खट्टी मीठी,

पूड़ी कचौड़ी खट्टी मीठी,

चटनी चाख बताओ जी,

जीमो जीमो सांवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी ॥


जो कुछ भी है आप री किरपा,

मेरी के औकात जी,

देवणीया थे लेवणिया मैं,

सिमरा दिन और रात जी,

दीनानाथ दयालु भगवन,

दीनानाथ दयालु भगवन,

आओ बैगा आओ जी,

जीमो जीमो सांवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी ॥


लहरी भाव भरोसो पुरो,

राखो माथे हाथ जी,

बरसाओ सांवरिया अब तो,

अमृत की बरसात जी,

सेवा में कोई भूल-चूक हो,

सेवा में कोई भूल-चूक हो,

सांवरिया बिसराओ जी,

जीमो जीमो सांवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी ॥


जीमो जीमो साँवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी,

बाँसुरिया की तान सुनाता,

छम छम करता आओ जी,

जीमो जीमो साँवरिया थे,

आओ भोग लगाओ जी ॥


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वो है जग से बेमिसाल सखी (Woh Hai Jag Se Bemisal Sakhi)

कोई कमी नहीं है, दर मइया के जाके देख
देगी तुझे दर्शन मइया, तू सर को झुका के देख

कान छेदने के मुहूर्त

हिंदू धर्म में मानव जीवन में कुल 16 संस्कारों का बहुत अधिक महत्व है इन संस्कारों में नौवां संस्कार कर्णवेध या कान छेदने का संस्कार।

गंगा के खड़े किनारे, भगवान् मांग रहे नैया (Ganga Ke Khade Kinare Bhagwan Mang Rahe Naiya)

गंगा के खड़े किनारे
भगवान् मांग रहे नैया

Jis Bhajan Mein Ram Ka Nam Na Ho (जिस भजन में राम का नाम ना हो)

जिस भजन में राम का नाम ना हो,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥

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