झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले, हो जासी कल्याण: भजन (Jhado Morchadi Ko Lagwa Le Ho Jasi Kalyan)

झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले,

हो जासी कल्याण,

मोरछड़ी के माए विराजे,

खाटू वालो श्याम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


बहुत घणी सकलाई इ में,

दुनिया या बतलावे,

मोरछड़ी इक बार भी जी के,

माथे पर लहरावे,

मालामाल वो हो जावे,

संकट कटे तमाम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


मोरछड़ी ने थामे खाटू,

वालो श्याम बिहारी,

जइया विष्णु चक्र सुदर्शन,

मुरली कृष्ण मुरारी,

मोरछड़ी से करे है बाबा,

भगता को हर काम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


श्याम प्रभु की मोरछड़ी ने,

जो हाथां में ले कर,

कीर्तन माहि नाचे ‘सोनू’,

भक्त दीवानो हो कर,

खाटू वालो राखे विको,

तो जीवन भर ध्यान,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥


झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले,

हो जासी कल्याण,

मोरछड़ी के माए विराजे,

खाटू वालो श्याम,

झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें,

हो जासी कल्याण ॥

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बजरंगी बलशाली, तेरा पार ना कोई पाए (Bajrangi Balshali Tera Paar Na Koi Paye)

बजरंगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए,

शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् (Shiv Panchakshar Stotram)

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ओ मैया तेरी रहमतों ने, ये करिश्मा किया (O Maiya Teri Rehmaton Ne ye Karishma Kiya)

ओ मैया तेरी रहमतों ने,
ये करिश्मा किया,

कार्तिगाई दीपम उत्सव से जुड़ी पौराणिक कथा

कार्तिगाई दीपम उत्सव दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भगवान कार्तिकेय और शिव को समर्पित है। यह उत्सव तमिल माह कार्तिगाई की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो उत्तर भारतीय कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि को आयोजित होता है।

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