काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले - भजन (Kali Kali Alko Ke Fande Kyun Dale)

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


दोहा – मेरा एक नज़र तुझे देखना,

किसी बंदगी से कम नहीं,

करो मेरा शुक्रिया मेहरबां,

तुझे दिल में हमने बसा लिया,

आप इस तरह से होश,

उड़ाया ना कीजिये,

यूँ बन संवर के सामने,

आया ना कीजिये ॥


काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


मुरली वाले मुरली वाले,

मुरली वाले मुरली वाले ॥


सितमगर हो तुम खूब पहचानते है,

तुम्हारी अदाओ को हम जानते है,

फरेबे मोहब्बत में उलझाने वाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


मुरली वाले मुरली वाले,

मुरली वाले मुरली वाले ॥


ये रंगीले नैना तुम्ही को मुबारक,

ये मीठे मीठे बैना तुम्ही को मुबारक,

हमारी तरफ से निगाहे हटाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


मुरली वाले मुरली वाले,

मुरली वाले मुरली वाले ॥


संभालो जरा ये पीताम्बर गुलाबी,

ये करता है दिल में हमारे खराबी,

जो तेरा हुआ उसको क्या कोई संभाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


मुरली वाले मुरली वाले,

मुरली वाले मुरली वाले ॥


जहाँ तुमने चेहरे से पर्दा हटाया,

वही अहले दिल को तमाशा बनाया,

बनाले बावरी को अब अपना बनाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥


मुरली वाले मुरली वाले,

मुरली वाले मुरली वाले ॥


काली काली अलको के फंदे क्यू डाले,

हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥

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भगवान अपने भक्तों को कब, कहा, क्या और कितना दे दें यह कोई नहीं जानता। लेकिन भगवान को अपने सभी भक्तों का सदैव ध्यान रहता है। वे कभी भी उन्हें नहीं भूलते। भगवान उनके भले के लिए और कल्याण के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

मीन संक्रांति की तिथि और मुहूर्त

मान्यता के अनुसार मीन संक्रांति तब मनाई जाती है जब भगवान सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, और यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होता है।

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