लागी तुम संग यारी मेरे बांके बिहारी (Laagi Tum Sang Yaari Mere Banke Bihari)

लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


कटी में पीताम्बर,

गले में है माला,

मुकुट को धारण,

किए है गोपाला,

घूंघराली लट कारी कारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


साँवरी सूरत के,

दर्शन तुम्हारे,

मुरली मनोहर,

जबसे निहारे,

बन बैठे तेरे पुजारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


निधिवन में नित,

रास रचावे,

सब सखियाँ मिल,

गीत सुनावे,

नाचे है बारी बारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


श्री हरिदास के,

प्यारे हो तुम,

मेरी भी आँखों के,

तारे हो तुम,

चरण कमल बलिहारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥

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शंकर चौड़ा रे (Shankar Chaura Re)

शंकर चौड़ा रे, महामाई कर रही सोलह रे।
सिंगार माई कर रही, सोलह रे

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम(Teri Murli Ki Main Huun Gulaam Mere Albele Shyam)

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥

सूर्य चालीसा (Surya Chalisa)

कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग। पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।

कितने साल तक रखना चाहिए एकादशी और प्रदोष व्रत

हिन्दू धर्म में एकादशी और प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। ये व्रत धार्मिक श्रद्धा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ के लिए किए जाते हैं।

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