लागी तुम संग यारी मेरे बांके बिहारी (Laagi Tum Sang Yaari Mere Banke Bihari)

लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


कटी में पीताम्बर,

गले में है माला,

मुकुट को धारण,

किए है गोपाला,

घूंघराली लट कारी कारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


साँवरी सूरत के,

दर्शन तुम्हारे,

मुरली मनोहर,

जबसे निहारे,

बन बैठे तेरे पुजारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


निधिवन में नित,

रास रचावे,

सब सखियाँ मिल,

गीत सुनावे,

नाचे है बारी बारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


श्री हरिदास के,

प्यारे हो तुम,

मेरी भी आँखों के,

तारे हो तुम,

चरण कमल बलिहारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥

........................................................................................................
चैत कृष्ण पापमोचनी एकादशी (Chait Krishna Papamochani Ekadashi)

इतनी कथा सुनकर महाराज युधिष्ठिर बोले हे भगवन् ! आपके श्रीमुख से इन पवित्र कथाओं को सुन मैं कृतकृत्य हो गया।

मासिक दुर्गाष्टमी तिथि और शुभ-मुहूर्त

प्रत्येक महीने की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है। धार्मिक मत है कि जगत की देवी मां दुर्गा के चरण और शरण में रहने से साधक को सभी प्रकार के सुखों मिलते हैं।

मेरे घर गणपति जी है आए (Mere Ghar Ganpati Ji Hai Aaye)

मेरे घर गणपति जी है आए,
मेरे घर गणपति जी है आये,

किस्मत को मेरी आज, बना क्यों नहीं देते (Kismat Ko Meri Aaja Bana Kyo Nahi Dete)

किस्मत को मेरी आज,
बना क्यों नहीं देते,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने