लागी तुम संग यारी मेरे बांके बिहारी (Laagi Tum Sang Yaari Mere Banke Bihari)

लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


कटी में पीताम्बर,

गले में है माला,

मुकुट को धारण,

किए है गोपाला,

घूंघराली लट कारी कारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


साँवरी सूरत के,

दर्शन तुम्हारे,

मुरली मनोहर,

जबसे निहारे,

बन बैठे तेरे पुजारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


निधिवन में नित,

रास रचावे,

सब सखियाँ मिल,

गीत सुनावे,

नाचे है बारी बारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


श्री हरिदास के,

प्यारे हो तुम,

मेरी भी आँखों के,

तारे हो तुम,

चरण कमल बलिहारी,

मेरे बांके बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥


लागी तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,

लागीं तुम संग यारी,

मेरे बांके बिहारी ॥

........................................................................................................
माँ तेरे लाल बुलाए आजा(Maa Tere Lal Bulaye Aaja)

माँ तेरे लाल बुलाए आजा,
सुनले भक्तो की सदाए आजा,

सुन लो चतुर सुजान, निगुरे नहीं रहना - भजन (Sunlo Chatur Sujan Nigure Nahi Rehna)

निगुरे नहीं रहना
सुन लो चतुर सुजान निगुरे नहीं रहना...

कब है माघ पूर्णिमा व्रत

सनातन हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भक्त भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। जिससे उनका जीवन खुशहाल होता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए व्रत भी किया जाता है।

पकड़ लो हाथ बनवारी (Pakad Lo Hath Banwari)

पकड़ लो हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने