मोहे मुरली बना लेना(Mohe Murli Bana Lena)

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना,

फिर जो जन्म लूँ मैं,

मोहे मुरली बना लेना,

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना ॥


मेरी यही अर्जी है,

आगे तेरी मर्जी है,

रंगे जिस रंग राधा,

उस रंग में रंगा लेना,

मैंने तोहे पलको के,

पलने झुलाए है,

सांवरे मोहे अपने,

हाथो में झूला लेना,

फिर जो जन्म लूँ मैं,

मोंहे मुरली बना लेना,

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना ॥


दिखे तस्वीर तेरी,

कान्हा मेरी अँखियों में,

मुझे मेरी सखियों के,

तानो से बचा लेना,

जन्मो की ये तृष्णा,

ऐसे ना मिटेगी कृष्णा,

प्रेम से निहार के मोहे,

अधरों से लगा लेना,

फिर जो जन्म लूँ मैं,

मोंहे मुरली बना लेना,

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना ॥


मोहे मोह माया की,

धुप ना छू पाए,

प्यारे पीताम्बरी की,

छैया में छुपा लेना,

‘मेनका’ ने मन मोहन,

तुझमे रमाया है,

तेरे संग प्रीत लगी,

अब दुनिया से क्या लेना,

फिर जो जन्म लूँ मैं,

मोंहे मुरली बना लेना,

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना ॥


कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना,

फिर जो जन्म लूँ मैं,

मोहे मुरली बना लेना,

कान्हा मेरी सांसो पे,

नाम अपना लिखा लेना ॥

........................................................................................................
आ रही है पालकी (Aa Rahi Hai Palki)

आ रही है पालकी,
भोलेनाथ शम्भू महाकाल की,

विश्वकर्मा जयंती पर होती है मशीन और औजारों की पूजा, जानिए भगवान विश्वकर्मा की कथा समेत पूजा विधि और सही मुहूर्त

भाद्रपद मास जिसे हिंदू धर्म में त्योहारों का महीेने कहा जाता है अपने आप में एक विशिष्ट ऊर्जा और श्रेष्ठता से भरा हुआ महीना है।

Hartalika Teej 2024: शिव और पार्वती की कृपा के लिए रखें हरतालिका तीज का व्रत

सनातन धर्म में हरतालिका तीज को सुहागिनों के सबसे बड़े त्योहार के रूप में मान्यता मिली हुई।

मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि व्रत काफ़ी शुभ माना जाता है। यह त्योहार हर मास कृष्ण पक्ष के 14वें दिन मनाया जाता है। इस बार यह व्रत शुक्रवार, 29 नवंबर 2024 के दिन मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस तिथि पर व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं, उन्हें सुख-शांति और धन-वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत काफ़ी महत्वपूर्ण है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने