राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे(Radha Ko Naam Anmol Bolo Radhe Radhe)

राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे।

श्यामा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे॥


ब्रह्मा भी बोले राधे, विष्णु भी बोले राधे।

शंकर के डमरू से आवाज आवे राधे राधे॥


गंगा भी बोले राधे, यमुना भी बोले राधे।

सरयू की धार से आवाज आवे राधे राधे॥


चंदा भी बोले राधे, सूरज भी बोले राधे।

तारो के मंडल से आवाज आवे राधे राधे॥


गैया भी बोले राधे, बछड़ा भी बोले राधे।

ढूध की धार से आवाज आवे राधे राधे॥


गोपी भी बोले राधे, ग्वाले भी बोले राधे।

बृज की सब गालिओ से आवाज आवे राधे राधे॥


राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे।

श्यामा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे॥

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होली आई रे होली आई रे(Holi Ae Re Holi Aae Re)

होली आई रे होली आई रे होली आई वृन्दावन खेले गोरी
भागन पे आयो है फागण महीना कभू प्रेम की होरी बईं न,

श्यामा श्याम सलौनी सूरत - भजन (Shyama Shyam Saloni Surat)

श्यामा श्याम सलौनी
सूरत को शृंगार बसंती है ।

उत्पन्ना एकादशी का चालीसा

उत्पन्ना एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। वैसे तो हर माह में दो एकादशी आती है, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन मां एकादशी का जन्म हुआ था।

फूल भी न माँगती, हार भी न माँगती (Phool Bhi Na Mangti Haar Bhi Na Mangti)

फूल भी न माँगती,
हार भी न माँगती,

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