सांवरा जब मेरे साथ है(Sanwara Jab Mere Sath Hai)

सांवरा जब मेरे साथ है,

हमको डरने की क्या बात है ।

इसके रहते कोई कुछ कहे,

बोलो किसकी यह औकात है ॥


छाये काली घटाए तो क्या,

इसकी छतरी के नीचे हूँ मैं ।

आगे आगे यह चलता मेरे,

मेरे मालिक के पीछे हम मैं ।

इसने पकड़ा मेरा हाथ है,

मुझको डरने की क्या बात है ॥


इसकी महिमा का वर्णन करू,

मेरी वाणी में वो दम नहीं ।

जब से इसका सहारा मिला

फिर सताए कोई गम नहीं ।

बाबा करता करामत है

हमको डरने की क्या बात है ॥


क्यों मैं भटकू यहाँ से वहां

इसके चरणों में है बैठना ।

झूठे स्वार्थ के रिश्ते सभी,

कहना से है रिश्ता बना ।

ये करता मुलाकात है,

हमको डरने की क्या बात है ॥


जहां आनद की लगती झड़ी,

ऐसी महफ़िल सजता है ये ।

‘बिन्नू’ क्यों ना दीवाना बने,

ऐसे जलवे दिखता है ये ।

दिल चुराने में विख्यात है,

हमको डरने की क्या बात है ॥

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मौनी अमावस्या के उपाय

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ का महीना 11वां होता है। इस माह में पड़ने वाले व्रत का विशेष महत्व होता है। इनमें मौनी अमावस्या भी शामिल है। माघ माघ की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है।

जीमो जीमो साँवरिया थे (Jeemo Jeemo Sanwariya Thye)

जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी,

अरे माखन की चोरी छोड़ साँवरे मैं समझाऊँ तोय (Are Makhan Ki Chori Chhod Sanvare Main Samjhau Toye)

अरे माखन की चोरी छोड़,
साँवरे मैं समझाऊँ तोय,

ओ जंगल के राजा, मेरी मैया को ले के आजा (O Jungle Ke Raja Meri Maiya Ko Leke Aaja)

ओ जंगल के राजा,
मेरी मैया को ले के आजा,

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