सांवरे को दिल में बसा के तो देखो(Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)

कर्ता करे ना कर सके,

पर गुरु किए सब होये ।

सात द्वीप नौ खंड मे,

मेरे गुरु से बड़ा ना कोए ॥


सांवरे को दिल में बसा के तो देखो

दुनिया से मन को हटा के देखो

बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी

इक बार वृन्दावन आ करके तो देखो


बांके बिहारी भक्तों के दिलदार

सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार


मीरा ने जैसे गिरिधर की पाया

प्याला ज़हर का अमृत बनाया

मीरा सी हस्ती मिटा कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर के देखो

सांवरे को दिल में बसा के तो देखो...


कोई तन दुखी कोई मन दुखी

कोई धन बिन रहे उदास

थोड़े थोड़े सब दुखी,

सुखी राम के दास


तेरी पल में झोली वो भर देगा

दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

चौखट पे दामन फैला कर तो देखो

बस, इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो


‘चित्र विचित्र’ का तो बस यही कहना

प्रभु चरणो से कही दूर नहीं रहना

जिंदगी यह बंदगी में मिटा कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर के देखो

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किस्मत को मेरी आज, बना क्यों नहीं देते (Kismat Ko Meri Aaja Bana Kyo Nahi Dete)

किस्मत को मेरी आज,
बना क्यों नहीं देते,

राम नवमी पूजा विधि

राम नवमी का त्योहार सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विशेष रूप से भगवान श्री राम की जयंती के रूप में मनाया जाता है।य ह त्योहार प्रत्येक वर्ष चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा(Jindagi Me Hajaro Ka Mela Juda)

जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा,
हंस जब-जब उड़ा तब अकेला उड़ा ।

जनवरी में कब है संकष्टी चतुर्थी

सनातन हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। बता दें कि साल की पहली संकष्टी चतुर्थी लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जानी जाती है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान गणेश जी और सकट माता की पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है।

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