सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ(Sara Barsana Tera Deewana Hua)

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ,

मिली तुमसे नजर,

मेरी जब सांवरे,

ये दिल भी हमारा बेगाना हुआ ॥


हर किसी को तेरी यहाँ दरकार है,

मानते है सभी श्याम सरकार है,

अब किसी से कोई श्याम शिकवा नहीं,

सामने फिर तुम्हारा जो आना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥


हम जीते थे मर मर के ओ सांवरे,

दर पे आके तेरे हम हुए बांवरे,

दुखड़े कितने है सहने बता दे मुझे,

सुख देखे मोहन इक जमाना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥


चाहे काली घटा हो या लाखों तूफाँ,

तुमको आना पड़ेगा कन्हैया यहाँ,

तेरे चरणों में ऐ मुरली वाले मेरे,

आज तक ना हमारा ठिकाना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥


गिर ना जाऊँ तेरी इन कठिन राहो में,

पास आजा मेरे थाम ले बांहो में,

अब ‘सुरेन्द्र’ को अपना बना सांवरे,

बैरी दुश्मन ये सारा ज़माना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥


तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ,

मिली तुमसे नजर,

मेरी जब सांवरे,

ये दिल भी हमारा बेगाना हुआ ॥

........................................................................................................
श्री शनिवार व्रत कथा

एक समय समस्त प्राणियों का हित चाहने वाले मुनियों ने नैमिषारण्य बन में एक सभा की उस समय व्यास जी के शिष्य सूत जी शिष्यों के साथ श्रीहरि का स्मरण करते हुए वहाँ पर आये।

मेरी मां के बराबर कोई नहीं

ऊँचा है भवन, ऊँचा मंदिर
ऊँची है शान, मैया तेरी
चरणों में झुकें बादल भी तेरे
पर्वत पे लगे शैया तेरी

माघ माह में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

सनातन धर्म में माघ महीने को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह महीना धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। धार्मिक पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुरुआत मकर संक्रांति के दिन होती है।

जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,
सलाम का नहीं,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने