तुम करुणा के सागर हो प्रभु (Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu)

तुम करुणा के सागर हो प्रभु

मेरी गागर भर दो थके पाँव है

दूर गांव है अब तो किरपा कर दो

तुम करुणा के सागर हो प्रभु

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे

क्लेश द्वेष से भरा ये मन है,

मैला मेरा तन है

तुम कृपाला दीन दयाला,

तुमसे ही जीवन है

इस तन मन को उपवन करने,

का वरदान वर दो


तुम करुणा के सागर हो प्रभु

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे


याचक बन कर खड़ा हूँ द्वारे,

दोनों हाथ मैं जोड़े

परम पिता तुमको मैं जानू,

पिता न बालक छोड़े

दास नारायण करे अर्चना,

मेरी पीरा हर दो


तुम करुणा के सागर हो प्रभु

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे

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सबके दिल में, श्याम की तस्वीर है (Sabke Dil Mein, Shyam Ki Tasveer Hai)

सबके दिल में,
श्याम की तस्वीर है,

सर पे चुनरिया लाल, और हाथों में मेहंदी रचाई है (Sar Pe Chunariya Lal Aur Hatho Mein Mehandi Rachai Hai)

सर पे चुनरिया लाल,
और हाथों में मेहंदी रचाई है,

बसंत पंचमी पूजा विधि

बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन विधिपूर्वक मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

प्रदोष व्रत पर क्या करें या न करें

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए किया जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने में दो बार, त्रयोदशी तिथि को (स्नान, दिन और रात के समय के अनुसार) किया जाता है, एक बार शुक्ल पक्ष में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष में।

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