वो कौन है जिसने हम को दी पहचान है (Wo Kon Hai Jisne Humko Di Pahachan Hai)

वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है,

जिसकी रहमत से होता,

हर एक काम है,

जिसकी रहमत से होता,

हर एक काम है,

मेरा श्याम है,

मेरा श्याम है ।

वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥


हर चाहत पूरी कर दी,

दिल की आवाज को सुनकर,

फूलों की सेज सजा दी,

राहों से कांटे चुनकर,

ये किसकी कृपा से,

हर सुख हर आराम है,

मेरा श्याम है, मेरा श्याम है ।


वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥


मुझे याद है बीते दिन वो,

जब खुशियां थी ओझल सी,

हर दिन था दुःख से मिलना,

हर घड़ियाँ थी मुश्किल सी,

फिर किसने आकर,

उनको दिया विराम है,

मेरा श्याम है, मेरा श्याम है ।


वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥


कंकर को मोती कर दे,

पत्थर में फूल खिलाए,

इस जग में एक ही है जो,

मिटटी में नाव चलाए,

वो कौन है जो गिरते को,

लेता थाम है,

मेरा श्याम है, मेरा श्याम है ।


वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥


हमने तो वो भी पाया,

जो ना था हमारे हक़ में,

‘सोनू’ का नाम लिखा है,

तुमने ही आज फलक में,

ये किसकी बदौलत,

चेहरे पर मुस्कान है,

मेरा श्याम है, मेरा श्याम है ।


वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥


वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है,

जिसकी रहमत से होता,

हर एक काम है,

जिसकी रहमत से होता,

हर एक काम है,

मेरा श्याम है,

मेरा श्याम है ।

वो कौन है जिसने,

हम को दी पहचान है,

कोई और नहीं वो,

खाटू वाला श्याम है ॥

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नामवली: रामायण मनका 108(Namavali: Ramayan Manka 108)

रघुपति राघव राजाराम ।
पतितपावन सीताराम ॥

पौष माह के व्रत त्योहार

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जन्मे है राम रघुरैया, अवधपुर में (Janme Hai Ram Raghuraiya Awadhpur Mein )

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सूर्य स्तोत्र

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।
लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः ॥ लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।

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