भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणा (Bhari Unki Ankho Mein Hai Kitni Karuna)

भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणा

जाकर सुदामा भिखारी से पूछो


है करामात क्या उनके चरणों की रज

जाकर के गौतम की नारी से पूछो


कृपा कितनी करते हैं शरणागतों पे

कृपा कितनी करते हैं शरणागतों पे


बता सकते हैं यदि, बता सकते हैं यदि

बता सकते हैं यदि, मिलेंगे विभीषण


पतितों को पावन, वो कैसे बनाते

जटायु सरिस, माँसाहारी से पूछो


है करामात क्या उनके चरणों की रज

जाकर के गौतम की नारी से पूछो


प्रभु कैसे सुनते हैं, दुखियों की आहें

तुम्हें ज्ञात हो राजा, बलि की कहानी


निराधार का कौन, आधार है जग में

ये प्रश्न द्रुपद दुलारी से पूछो


है करामात क्या उनके चरणों की रज

जाकर के गौतम की नारी से पूछो


छ्मा शीलता उनमें, कितनी भरी है

बताएँगे भृगुजी, वो सब जानते हैं


हृदय उनका भावों का, है कितना भूंखा

विदुर सबरी से, बारी बारी से पूछो


है करामात क्या उनके चरणों की रज

जाकर के गौतम की नारी से पूछो

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शरण हनुमत की जो आया (Sharan Hanumat Ki Jo Aaya)

शरण हनुमत की जो आया,
उसे पल में संभाला है,

भक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला (Bhakto Ka Kalyan Kare Re Mera Shankar Bhola)

भक्तो का कल्याण करे रे,
मेरा शंकर भोला,

बसंत पंचमी क्या भोग लगाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसी कारण से हर वर्ष इस तिथि को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है।

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले - भजन (Kali Kali Alko Ke Fande Kyun Dale)

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले,
हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले ॥

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