बिसर गई सब तात पराई (Bisar Gai Sab Taat Paraai)

बिसर गई सब तात पराई,

जब ते साध संगत मोहे पाई,

ना कोई बैरी नहीं बेगाना,

सगल संग हमको बन आई,

बिसर गई सब तात पराई,

बिसर गयी सब तात पराई ।


जो प्रभु कीन्हो सो भल मान्यो,

एह सुमत साधु ते पाई,

बिसर गई सब तात पराई,

बिसर गयी सब तात पराई ।


सब में रव रहिया प्रभु एको,

पेख पेख नानक बिगसाई,

बिसर गई सब तात पराई,

बिसर गयी सब तात पराई ।

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सालासर धाम निराला बोलो जय बालाजी (Salasar Dham Nirala Bolo Jay Balaji)

सालासर धाम निराला,
की बोलो जय बालाजी,

सोहर: जुग जुग जियसु ललनवा (Sohar: Jug Jug Jiya Su Lalanwa Ke)

जुग जुग जियसु ललनवा,
भवनवा के भाग जागल हो,

जानकी स्तुति - भइ प्रगट किशोरी (Janaki Stuti - Bhai Pragat Kishori)

भइ प्रगट किशोरी,
धरनि निहोरी,

मोहे लागी लगन गुरु चरणन की(Mohe Lagi Lagan Guru Charanan Ki)

अखंड-मंडलाकारं
व्याप्तम येन चराचरम

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