देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ(Dena Ho To Dijiye Janam Janam Ka Sath)

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ।

अब तो कृपा कर दीजिए,

जनम जनम का साथ ।

मेरे सर पर रख बनवारी,

अपने दोनों यह हाथ ॥


देने वाले श्याम प्रभु से,

धन और दौलत क्या मांगे ।

श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,

नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।

मेरे जीवन में अब कर दे,

तू कृपा की बरसात ॥


देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥


श्याम तेरे चरणों की धूलि,

धन दौलत से महंगी है ।

एक नज़र कृपा की बाबा,

नाम इज्ज़त से महंगी है ।

मेरे दिल की तम्मना यही है,

करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥


देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥


झुलस रहें है गम की धुप में,

प्यार की छईया कर दे तू ।

बिन माझी के नाव चले ना,

अब पतवार पकड़ ले तू ।

मेरा रास्ता रौशन कर दे,

छायी अन्धिआरी रात ॥


देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥


सुना है हमने शरणागत को,

अपने गले लगाते हो ।

ऐसा हमने क्या माँगा जो,

देने से घबराते हो ।

चाहे जैसे रख बनवारी,

बस होती रहे मुलाक़ात ॥


देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥


देने वाले श्याम प्रभु से,

धन और दौलत क्या मांगे ।

श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,

नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।

मेरे जीवन में अब कर दे,

तू कृपा की बरसात ॥

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तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ
जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥

जब तें रामु ब्याहि घर आए(Jab Te Ram Bhayai Ghar Aaye)

श्री गुरु चरन सरोज रज
निज मनु मुकुरु सुधारि ।

माघ पूर्णिमा व्रत विधि

हिंदू धर्म में, पूर्णिमा का विशेष महत्त्व होता है। प्रत्येक महीने में एक बार पूर्णिमा का व्रत आता है। यह माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा भी की जाती है।

वो कौन है जिसने हम को दी पहचान है (Wo Kon Hai Jisne Humko Di Pahachan Hai)

वो कौन है जिसने,
हम को दी पहचान है,

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