घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है (Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai)

घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥


घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥


सोने की होती तो,

क्या करते तुम मोहन,

ये बांस की होकर भी,

दुनिया को नचाती है ॥


घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥


तुम गोरे होते तो,

क्या कर जाते मोहन,

जब काले रंग पर ही,

दुनिया मर जाती है ॥


घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥


दुख दर्दों को सहना,

बंसी ने सिखाया है,

इसके छेद है सीने मे,

फ़िर भी मुस्काती है ॥


घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥


कभी रास रचाते हो,

कभी बंसी बजाते हो,

कभी माखन खाने की,

मन में आ जाती है ॥


घनश्याम तेरी बंसी,

पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,

घायल कर जाती है ॥

........................................................................................................
शिव का नाम लो (Shiv Ka Naam Lo)

शिव का नाम लो ।
हर संकट में ॐ नमो शिवाय,

छोटी होली और बड़ी होली में अंतर

होली भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व रंगों, खुशियों और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना! (Kaise Jiun Main Radha Rani Tere Bina)

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना,
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना॥

भोले तेरे चरणों की (Bhole Tere Charno Ki)

भोले तेरे चरणों की,
गर धूल जो मिल जाए,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने