हरि नाम के रस को पी पीकर (Hari Naam Ke Ras Ko Pee Peekar)

हरि नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया,

आनंद में जीना सीख लिया,

आनंद में जीना सीख लिया,

प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,

जाकर के पीना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


हरी नाम की मस्ती अनोखी है,

पी करके हमने देखी हैं,

सब चिंताओं को छोड़ के अब,

मस्ती में रहना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


पीकर के आनंद आता है,

यह झूठा जग नहीं भाता है,

तुम भी थोड़ी सी पिया करो,

यह सब से कहना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


हरि नाम में चूर जो रहते हैं,

माया से दूर वो रहते हैं,

हरी याद रहे हर पल हमको,

प्रभु नाम को जपना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


कहना यह चित्र-विचित्र का है,

मुश्किल से मिलता मौका है,

हरि नाम के पागल बन जाओ,

सब को समझाना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


हरि नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया,

आनंद में जीना सीख लिया,

आनंद में जीना सीख लिया,

प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,

जाकर के पीना सीख लिया,

हरी नाम के रस को पी पीकर,

आनंद में जीना सीख लिया ॥


........................................................................................................
रंग पंचमी का महत्व और मुहूर्त

रंग पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा है, जिसे देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है।

मेरे बालाजी सरकार, के तो रंग निराले (Mere Balaji Sarkar Ke To Rang Nirale Hai)

मेरे बालाजी सरकार,
के तो रंग निराले,

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा (Preet Main Puje Naam Tumhara)

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा,
गणपति जगत खिवैया,

वृश्चिक संक्रांति का मुहूर्त

भगवान सूर्य देव की उपासना का दिन वृश्चिक संक्रांति हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहार में से एक है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को धन वैभव की प्राप्ति के साथ दुःखों से मुक्ति मिलती है। लेकिन क्या आपको पता है इस साल वृश्चिक संक्रांति कब हैं। वृश्चिक संक्रांति 2824 को लेकर थोड़ा असमंजस है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने