जरा इतना बता दे कान्हा, कि तेरा रंग काला क्यों - भजन (Jara Etna Bata De Kanha Tera Rang Kala Kyo)

जरा इतना बता दे कान्हा,

कि तेरा रंग काला क्यों ।


श्लोक- श्याम का काला बदन,

और श्याम घटा से काला,

शाम होते ही,

गजब कर गया मुरली वाला ॥


जरा इतना बता दे कान्हा,

कि तेरा रंग काला क्यों,

तु काला होकर भी जग से,

इतना निराला क्यों ॥


मैंने काली रात में जन्म लिया,

और काली गाय का दूध पीया,

कजरे का रंग भी काला,

कमली का रंग भी काला,

इसी लिए मै काला ॥


सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,

और माखन बहुत खिलाती है,

सखिओं का दिल भी काला,

इसी लिए मै काला ॥


मैंने काले नाग पर नाच किया,

और काले नाग को नाथ लिया,

नागों का रंग भी काला,

यमुना का रंग भी काला,

इसी लिए मै काला ॥


सावन में बिजली कड़कती है,

बादल भी बहुत बरसतें है,

बादल का रंग भी काला,

बिजली का रंग भी काला,

इसी लिए मै काला ॥


सखी नयनों में कजरा लगाती है,

और नयनों में मुझे बिठाती है,

कजरे का रंग भी काला,

नयनों का रंग भी काला,

इसी लिए मै काला ॥


जरा इतना बता दें कान्हा,

कि तेरा रंग काला क्यों,

तु काला होकर भी जग से,

इतना निराला क्यों ॥

........................................................................................................
चन्दन चौक पुरावा मंगल कलश सजावा (Chandan Chowk Purawa Mangal Kalash Sajawa)

चन्दन चौक पुरावा,
मंगल कलश सजावा,

आज अयोध्या की गलियों में, घुमे जोगी मतवाला: भजन (Aaj Ayodhya Ki Galiyon Mein Ghume Jogi Matwala)

आज अयोध्या की गलियों में,
घुमे जोगी मतवाला,

अन्नपूर्णा जयंती पर क्या दान करें

सनातन धर्म में अन्नपूर्णा जयंती का दिन मां अन्नपूर्णा को समर्पित किया है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन दान का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन दान करना बेहद ही शुभ माना गया है। इस दिन दान पुण्य करने की मान्यता है।

महाकाल की नगरी मेरे मन को भा गई (Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi)

मेरे भोले की सवारी आज आयी,
मेरे शंकर की सवारी आज आयी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने