मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में(Man Bas Gayo Nand Kishor Basalo Vrindavan Mein)

मन बस गयो नन्द किशोर,

अब जाना नहीं कही और,

बसा लो वृन्दावन में,

बसा लो वृन्दावन में ॥


सौप दिया अब जीवन तोहे,

रखो जिस विधि रखना मोहे,

तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़,

अब जाना नहीं कही और,

बसा लो वृन्दावन में,

बसा लो वृन्दावन में ॥


चाकर बन कर सेवा करुँगी,

मधुकरि मांग कलेवा करुँगी,

तेरे दरश करुँगी उठ भोर,

अब जाना नहीं कही और,

बसा लो वृन्दावन में,

बसा लो वृन्दावन में ॥


अरज़ मेरी मंजूर ये करना,

वृन्दावन से दूर ना करना,

कहे मधुप हरी जी हाथ जोड़,

अब जाना नहीं कही और,

बसा लो वृन्दावन में,

बसा लो वृन्दावन में ॥


मन बस गयो नन्द किशोर,

अब जाना नहीं कही और,

बसा लो वृन्दावन में,

बसा लो वृन्दावन में ॥

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थारे बिन मैया कुण म्हारो है दादी(Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai Dadi)

थारे बिन मैया कुण म्हारो है,
थारे बिण मैया कुण म्हारो है,

शुक्रदेव की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में शुक्र देवता को भौतिक सुख-सुविधाओं का देवता कहा जाता है। इतना ही नहीं, शुक्रदेव को सौंदर्य और आकर्षण का देवता भी माना जाता है। लोग उनकी कृपा पाने के लिए पूजा करते हैं ताकि वे सुंदर और आकर्षक बन सकें।

लाल ध्वजा लहराये रे, मैया तोरी ऊंची पहड़ियान (Lal Dhwaja Lahraye Re Maiya Teri Unchi Pahadiya)

लाल ध्वजा लहराये रे,
मैया तोरी ऊंची पहड़िया ॥

हुई गलियों में जय जयकार (Hui Galiyon Mein Jai Jaikaar)

हुई गलियों में जय जयकार,
आया गणपति तेरा त्यौहार ॥

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