मेरे सरकार का, दीदार बड़ा प्यारा है(Mere Sarkar Ka Didar Bada Pyara Hai)

मेरे सरकार का,

दीदार बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


तेरे नैना कटीले,

मोटे मोटे रसीले ।

दिल को छीन लिया,

तेरी प्यारी हँसी ने ।

प्यारी अंखियों में लगा,

कजरा बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


मेरे सरकार का,

दीदार बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


लटों ने लूट लिया,

जिगर घायल ये किया ।

तेरी प्यारी अदा ने,

मुझे बेचैन किया ।

मेरे सीने में तेरा,

दर्द बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


मेरे सरकार का,

दीदार बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


ओ मेरे श्याम पिया,

तेरे बिन तड़पे जिया ।

प्रेम तुम से ही किया,

तूने क्या जादू किया ।

तेरी यादों में थिरके,

अंग मेरा सारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥


मेरे सरकार का,

दीदार बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ।

कृष्ण मेरा प्यारा,

गोविन्द बड़ा प्यारा है ॥

........................................................................................................
श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे (Shree Ram Ji Ka Mandir Banayenge)

श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे,
भगवा ध्वज लहरायेंगे,

मेरा भोला हे भंडारी, जटाधारी अमली (Mera Bhola Hai Bhandari Jatadhari Amali)

मेरा शिव भोला भंडारी,
जटाधारी अमली,

भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान कैसे मिला?

वेदों के रचयिता वेदव्यास जी ने महाभारत महाकाव्य की रचना की है। इस महाकाव्य में प्रमुख स्तंभ भीष्म पितामह को बताया गया है। हस्तिनापुर के राजा शांतनु का विवाह देवी गंगा से हुआ था।

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ(Hey Shambhu Baba Mere Bhole Nath)

शिव नाम से है,
जगत में उजाला ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने