जगदीश ज्ञान दाता(Jagadish Gyan Data: Prarthana)

जगदीश ज्ञान दाता, सुख मूल शोकहारी ।

भगवन् ! तुम्हीं सदा हो, निष्पक्ष न्यायकारी ॥


सब काल सर्व ज्ञाता, सविता पिता विधाता ।

सब में रमे हुए हो, विश्व के बिहारी ॥


कर दो बलिष्ठ आत्मा, घबरायें न दुःखों से ।

कठिनाइयों का जिससे, तर जायें सिन्धु भारी ॥


निश्चय दया करोगे, हम मांगते यही हैं ।

हमको मिले स्वयम् ही, उठने की शक्ति सारी ॥


जगदीश ज्ञान दाता, सुख मूल शोकहारी ।

भगवन् ! तुम्हीं सदा हो, निष्पक्ष न्यायकारी ॥

........................................................................................................
राधे राधे कहिए लगदे नहीं रुपये(Radhe Radhe Kahiye Lagde Nahi Rupaiye )

राधे राधे कहिए
लगदे नहीं रुपये

मुझे चरणों से लगाले, मेरे श्याम मुरली वाले(Mujhe Charno Se Lagale Mere Shyam Murli Wale)

मुझे चरणों से लगाले,
मेरे श्याम मुरली वाले ।

माँगा है भोलेनाथ से, वरदान एक ही(Manga Hai Bholenath Se Vardan Ek Hi)

माँगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही,

लोरी सुनाए गौरा मैया(Lori Sunaye Gaura Maiya)

लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने