वृंदावन जाने को जी चाहता है (Vrindavan Jane Ko Jee Chahta Hai)

वृंदावन जाने को जी चाहता है,

राधे राधे गाने को जी चाहता है ।

वृदावन मेरे बांके बिहारी,

बांके बिहारी की लीला है न्यारी,

ये नैना लड़ाने को जी चाहता है,

राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन जाने को जी चाहता है ।

वृंदावन में यमुना किनारा

मेरा डुबकी लगाने को जी चाहता है

राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन जाने को जी चाहता है ।


वृंदावन में निधिवान है प्यारा

मेरा रास रचाने को जी चाहता है

राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन जाने को जी चाहता है ।


वृदावन में संत बहुत है,

वृदावन में भगत बहुत है,

संत बहुत है रसिक बहुत है,

शीश झुकाने को जी चाहता है,

राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन जाने को जी चाहता है ।


वृदावन जाने को जी चाहता है,

राधे राधे गाने को जी चाहता है,

........................................................................................................
देख लिया संसार हमने देख लिया(Dekh Liya Sansar Hamne Dekh Liya)

देख लिया संसार हमने देख लिया,
सब मतलब के यार हमने देख लिया ।

श्री राम प्यारे अंजनी दुलारे (Shree Ram Pyare Anjani Dulare)

श्री राम प्यारे अंजनी दुलारे,
सबके सहारे जय महावीरा,

मोक्षदा एकादशी पर इन राशियों को होगा लाभ

11 दिसंबर 2024 को मोक्षदा एकादशी के पावन अवसर पर शुक्र देव श्रवण नक्षत्र में गोचर करेंगे। शुक्र ग्रह को सुख, ऐश्वर्य, और भौतिक संपन्नता का कारक माना जाता है।

क्यों मनाई जाती है मत्स्य द्वादशी?

मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाने वाली मत्स्य द्वादशी भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की जयंती के रूप में मनाई जाती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने