मैं हर पल गाता जाऊं, ओम नम शिवाय (Main Harpal Gata Jaun Om Namah Shivay)

ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


तेरे जैसा कोई नहीं है,

इस जग में हितकारी,

तेरी महिमा सबसे प्यारी,

गाए दुनिया सारी,

मैं नादान हूं दास तुम्हारा,

क्या महिमा मैं गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


देवों के तुम देव प्रभू जी,

तुम्हीं हो त्रिपुरारी,

करें आरती तेरी निशदिन,

हे भोले भंडारी,

दो वरदान प्रभू,

इस ‘शिव’ को,

गुण मैं तेरे गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

........................................................................................................
श्री तुलसी चालीसा (Shri Tulsi Chalisa)

श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय ।
जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय ।।

सर पे चुनरिया लाल, और हाथों में मेहंदी रचाई है (Sar Pe Chunariya Lal Aur Hatho Mein Mehandi Rachai Hai)

सर पे चुनरिया लाल,
और हाथों में मेहंदी रचाई है,

जानकी स्तुति - भई प्रगट कुमारी (Janaki Stuti - Bhai Pragat Kumari)

भई प्रगट कुमारी
भूमि-विदारी

पौष माह के व्रत त्योहार

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष के बाद पौष का महीना आता है। ये हिंदू कैलेंडर का 10वां महीना होता है। पौष के महीने में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।