तेरा दर मिल गया मुझको सहारा हो तो ऐसा हो(Tera Dar Mil Gaya Mujhko Sahara Ho To Aisa Ho)

तेरा दर मिल गया मुझको,

सहारा हो तो ऐसा हो ॥


दोहा 

मुझे रास आ गया है,

तेरे दर पे सर झुकाना,

तुझे मिल गया पुजारी,

मुझे मिल गया ठिकाना।

मुझे कौन जानता था,

तेरी बंदगी से पहले,

तेरी याद ने बना दी,

मेरी ज़िन्दगी फसाना ॥


तेरा दर मिल गया मुझको,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥


किसी को ज़माने की दौलत मिली है,

किसकी को जहान की हुकूमत मिली है,

मैं अपने मुकद्दर पर कुर्बान जाऊं,

मुझे अपने कान्हा की चोखट मिली है,

मुझे अपने कान्हा की चोखट मिली है,

क्यों कहीं जाए किस्मत आजमाने के लिए,

मेरे कान्हा है तेरी बिगड़ी बनाने के लिए,

तेरा दर मिल गया मुझकों,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥


जमाने में नही देखा,

कोई सरकार के जैसा,

हमें ये नाज है रहबर,

हमारा हो ऐसा हो,

तेरा दर मिल गया मुझकों,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥


मरुँ मैं तेरी चोखट पर,

मेरे कान्हा मेरे दिलबर,

रहे तू रूबरू मेरे,

नजारा हो तो ऐसा हो,

तेरा दर मिल गया मुझकों,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥


मेरी सांसो में बहती है,

तेरे ही नाम की खुशबु,

महक जाए हर एक मंजर,

जिकर भी तुम्हारा हो,

तेरा दर मिल गया मुझकों,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥


तेरा दर मिल गया मुझकों,

सहारा हो तो ऐसा हो,

तेरे टुकड़ो पर पलता हूँ,

गुजारा हो तो ऐसा हो ॥

........................................................................................................
गोवर्धन पूजा विधि

गोवर्धन पूजा का त्योहार दिवाली के बाद मनाया जाता है। यह पर्व उस ऐतिहासिक अवसर की याद दिलाता है जब भगवान कृष्ण ने अपने भक्तों को प्रकृति के प्रकोप से बचाने के लिए इंद्र के अहंकार को कुचल दिया था।

नर्मदा देवी की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में नर्मदा नदी बेहद पवित्र और पूजनीय नदी मानी जाती है। इसे 'कुंवारी नदी' और 'रेवा' के नाम से भी जाना जाता है।

माघ गुप्त नवरात्रि 2025

हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व को नारी शक्ति और देवी दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा को समर्पित है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बड़ा महत्व है।

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली (Odh Chunariya Maiya Lal Chali)

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली,
सिंघ सवारी पे है लगती भली ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने