वो काला एक बांसुरी वाला (Wo Kala Ek Bansuri Wala)

वो काला एक बांसुरी वाला,

सुध बिसरा गया मोरी रे ।

माखन चोर वो नंदकिशोर जो,

कर गयो मन की चोरी रे ॥

पनघट पे मोरी बईया मरोड़ी,

मैं बोली तो मेरी मटकी फोड़ी ।

पईया परूँ करूँ बीनता मैं पर,

माने ना वो एक मोरे रे ॥


छुप गयो फिर एक तान सुना के,

कहाँ गयो एक बाण चला के ।

गोकुल ढूंढा मैंने मथुरा ढूंढी,

कोई नगरिया ना छोड़ी रे ॥

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किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं (Kisi Ke Kam Jo Aaye Use Insan Kahte Hai)

किसी के काम जो आये,
उसे इन्सान कहते हैं ।

हरियाली अमावस्या : पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा पर्व

आज 4 अगस्त यानी रविवार को हरियाली अमावस्या है, ये तिथि भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास की एक विशेष तिथि है जो हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। माना जाता है कि साल के इस समय धरती हरियाली की चादर से ढक जाती है इसलिए श्रावण अमावस्या को हरियाली का त्यौहार कहा जाता है।

मेरी विनती सुनो हनुमान, शरण तेरी आया हूँ (Meri Vinti Suno Hanuman Sharan Teri Aaya Hun)

मेरी विनती सुनो हनुमान,
शरण तेरी आया हूँ,

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